लखनऊ| बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का दूसरा चरण शुरू हो गया है, जिसमें बकायेदार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी जा रही है। इस चरण में उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर 20 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। पहले चरण में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने 19 जिलों में अभियान चलाकर 970 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूल किया था। विभाग का दावा है कि इस योजना से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी लंबे समय से चले आ रहे बकाये से राहत मिल रही है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने बताया कि पहले चरण में बकायेदारों को कुल देय राशि पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी, जबकि दूसरे चरण में यह छूट 20 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब ओटीएस योजना के तहत उपभोक्ताओं को केवल ब्याज ही नहीं, बल्कि मूलधन में भी छूट दी जा रही है। इससे पहले की ओटीएस योजनाओं में केवल ब्याज माफी का प्रावधान था।
योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए 2000 रुपये का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसे कुल देय राशि से घटाकर उपभोक्ता को बताया जाएगा। प्रबंध निदेशक ने इसे बकायेदारों के लिए सुनहरा अवसर बताते हुए कहा कि उपभोक्ता बकाया जमा कर तनाव मुक्त हो सकते हैं। उन्होंने सभी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वे बकायेदार उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें ओटीएस योजना में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करें।
ओटीएस योजना का लाभ दो किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं और एक किलोवाट तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान एकमुश्त या फिर आसान मासिक किस्तों में कर सकते हैं। योजना के तहत 500 रुपये और 750 रुपये की मासिक किस्तों का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
बिजली विभाग के अनुसार ओटीएस का दूसरा चरण चार जनवरी से 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें मूल बकाए पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके बाद तीसरा चरण एक फरवरी से 28 फरवरी तक लागू रहेगा, जिसमें छूट घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते इस योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का निस्तारण कर लें।

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