फर्रुखाबाद: हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक मानी जाने वाली हजरत शहाबुद्दीन औलिया दरगाह (Hazrat Shahabuddin Auliya Dargah) पर रविवार को आध्यात्मिक वातावरण में दस्तार-ए-सज्जादगी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शाह मुहम्मद वसीम खान (Shah Muhammad Waseem) को नायाब सज्जादा नशीन नियुक्त किया गया। इस मौके पर दरगाह के पूर्व सज्जादा नशीन हज़रत मुहम्मद शरीफ उर्फ मोहब्बत शाह के चेहल्लुम की फातिहा भी अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई।
दस्तारबंदी में कई दरगाहों के सज्जादा नशीन रहे मौजूद
दस्तारबंदी कार्यक्रम में प्रदेश की कई प्रसिद्ध दरगाहों के सज्जादा नशीनों ने शिरकत की और शाह मुहम्मद वसीम को पगड़ी पहनाकर उन्हें मुबारकबाद दी।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
देवा शरीफ दरगाह के सज्जादा नशीन आले मुस्तफा उर्फ सोहेल मियां
मकनपुर दरगाह के सज्जादा नशीन प्रो. डॉ. सैय्यद हुसैन जाफरी
मैनपुरी की छोटी-बड़ी दरगाह के सज्जादा नशीन
कायमगंज स्थित जूही शाह बाबा दरगाह के सज्जादा नशीन
महफिल-ए-शमा का आयोजन
दस्तारबंदी के दौरान एक धार्मिक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इसके बाद लोको स्थित दरगाह परिसर में महफिल-ए-शमा का आयोजन हुआ, जिसमें शायरों और कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। अलीगढ़ के शायर मो. यूसुफ हातिफ, शहर के बिलाल शफीकी और शहर काज़ी मुताजिर अली ने दरगाह शहाबुद्दीन औलिया और मोहब्बत शाह के सूफियाना सिलसिले पर प्रकाश डाला।
पूर्व सज्जादा नशीन हज़रत मुहम्मद शरीफ उर्फ मोहब्बत शाह के चेहल्लुम की फातिहा में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और अमन-चैन व भाईचारे की दुआ की। इस मौके पर आकिब खान, नदीम खान, हाजी अकरम खान, इमरान खान, शाहरुख हुसैन, हाफिज जुबैर, रफत हुसैन, कासिम साबरी, लबली, उमर खान, जाहिद अली, रईस आलम सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।


