सीबीडीटी डेटा मिलान में सामने आई गड़बड़ी, सरकार अपात्र कार्ड निरस्त करने की तैयारी में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत जारी राशन कार्डों की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। खाद्य एवं रसद विभाग ने आयकर विभाग के सीबीडीटी डेटा से मिलान किया, जिसके बाद पता चला कि राज्य में 5 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक अपात्र हैं। ये सभी लाभार्थी सरकार द्वारा तय आय सीमा से अधिक कमाई कर रहे हैं, फिर भी वर्षों से सब्सिडी वाला अनाज ले रहे थे।
राज्य सरकार ने एनएफएसए लाभार्थियों का रिकॉर्ड आयकर विभाग के डाटाबेस से मिलाया। जांच में कई लोग नियमित टैक्सपेयर निकले, जबकि एनएफएसए लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दिया जाता है। डेटा मिलान के बाद विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
विभाग ने संकेत दिया है कि अपात्र पाए गए सभी कार्डों को जल्द ही निरस्त किया जाएगा।
जिलाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
सरकार अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी पर भी विचार कर रही है।
खाद्य एवं रसद विभाग का कहना है कि एनएफएसए में पारदर्शिता लाने के लिए डेटा आधारित जांच आगे भी जारी रहेगी ताकि फर्जी और डुप्लिकेट कार्ड पूरी तरह समाप्त किए जा सकें।






