लखनऊ। सुल्तानपुर रोड पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी योजना अब जनवरी में औपचारिक रूप से लॉन्च होने जा रही है। करीब 2660 एकड़ में विकसित की जा रही इस बड़ी परियोजना में लगभग 10 हजार आवासीय प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं। सबसे पहले वे लोग प्लॉट पाएंगे, जिन्होंने लैंड पूलिंग प्रक्रिया के तहत अपनी जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई है। इसके बाद योजना आम नागरिकों के लिए खोली जाएगी, जिसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अनुमान है कि आईटी सिटी में भविष्य में लगभग एक लाख लोगों को आधुनिक आवासीय सुविधा प्राप्त होगी।
यह योजना सुल्तानपुर रोड और किसान पथ दोनों से जुड़ी हुई है, जिससे इसकी लोकेशन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। परियोजना में 72 से 200 वर्ग मीटर के विभिन्न आकारों के प्लॉट उपलब्ध होंगे। लैंड पूलिंग मॉडल के तहत जमीन देने वाले किसानों को उनकी जमीन के बदले 25 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाएगी, जो पारंपरिक मुआवजे की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी है। इसी वजह से किसान तेजी से अपनी जमीन इस योजना में शामिल कर रहे हैं।
आईटी सिटी में लगभग 400 एकड़ भूमि औद्योगिक क्षेत्र तथा 200 एकड़ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहेगी। इससे भविष्य में रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से तेजी से विकसित होगा। परियोजना में कई विशेष आकर्षण भी शामिल हैं—200 एकड़ की हरित पट्टी में विश्वस्तरीय गोल्फ सिटी, 15 एकड़ में पर्यावरण-अनुकूल वाटर बॉडी, और किसान पथ से जोड़ने के लिए दो किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग जो लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जमीन देने वालों को प्लॉट आवंटित करने के लिए जनवरी में लॉटरी आयोजित की जाएगी। इसके बाद जनता के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। योजना में बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली और भटवारा गांवों की जमीन शामिल है। यह पूरी परियोजना सुल्तानपुर रोड क्षेत्र को लखनऊ का नया उच्चस्तरीय आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।





