फर्रुखाबाद।
नगर के मोहल्ला राजीव गांधी नगर में सोमवार की सुबह मातम का माहौल था। हर घर के दरवाजे पर खामोशी थी और हर आंख नम। मोहल्ले के 30 वर्षीय युवक अमनेंद्र प्रताप सिंह उर्फ़ आसू की सड़क हादसे में मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। अमनेंद्र अपने परिवार का इकलौता सहारा था। पिता राजकुमार सिंह और मां का रो रोकर बुरा हाल है।
बताया गया कि रविवार को राजीव गांधी नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक जितेंद्र सिंह यादव के पुत्र सतीश की बारात जनपद मैनपुरी गई थी। बारात में मोहल्ले के कई युवा शामिल हुए थे, जिनमें अमनेंद्र भी अपने दोस्तों सोनू शाक्य, आलोक यादव, टिर्री यादव और रितिक झा के साथ गया था। खुशियों से भरी बारात का माहौल लौटते वक्त मातम में बदल गया।रात करीब ढाई बजे जब सभी दोस्त कार से वापस लौट रहे थे, तभी ग्राम जैतपुर के निकट हरियाली बाजार के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि बारातियों की कार पलट गई और अमनेंद्र उसके नीचे दब गया। कुछ पल में हंसी-खुशी चीखों में बदल गई।
साथी रितिक झा ने घायल अमनेंद्र को किसी तरह बाहर निकाला और रात करीब तीन बजे लोहिया अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था इलाज शुरू होने के कुछ ही मिनटों में अमनेंद्र ने दम तोड़ दिया। यह खबर सुनते ही दोस्तों और परिजनों की आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली।हादसे के बाद फॉर्च्यूनर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची, शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया गया। सोमवार सुबह जब शव राजीव गांधी नगर स्थित घर पहुंचा, तो मातम का माहौल और भारी हो गया। मां बेहोश होकर गिर पड़ीं, पिता का कलेजा फट पड़ा और रिश्तेदारों की रुलाई थमने का नाम नहीं ले रही थी।अमनेंद्र प्रताप सिंह उर्फ़ आसू का स्वभाव बेहद मिलनसार और मददगार था। वह हर किसी के सुख-दुख में साथ खड़ा रहने वाला युवक था। उसकी असमय मौत ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया। लोग कहते हैं इतना हंसमुख, इतना जिंदादिल लड़का इस तरह चला जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था






