कानपुर में दर्दनाक हादसा: ओवरलोड ट्रकों से टूटी सड़क ने ली लोकोपायलट की जान, जन्मदिन से आठ दिन पहले बुझा घर का चिराग

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कानपुर हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर हंसपुरम सब्जी मंडी के पास ओवरलोड ट्रकों से क्षतिग्रस्त सड़क पर फिसले बाइक सवार लोकोपायलट को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे में लोकोपायलट की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक अपने ड्यूटी के लिए कानपुर सेंट्रल स्टेशन जा रहे थे। हादसे ने परिवार और रेलवे साथियों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

नौबस्ता के हंसपुरम कॉलोनी में रहने वाले प्रेमनारायण वर्मा (50) पिछले 14 वर्षों से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर लोकोपायलट के पद पर तैनात थे। उनके परिवार में पत्नी भारती, बेटा प्रतीक और बेटी प्रभांसी हैं। परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के बड़े भाई देवेंद्र वर्मा कानपुर देहात में भूमि संरक्षण अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि प्रेमनारायण बेहद जिम्मेदार और प्रसन्नचित स्वभाव के व्यक्ति थे। अगले आठ दिन बाद उनका जन्मदिन था, जिसे लेकर परिवार में उत्साह था, लेकिन अब सब कुछ पलभर में खत्म हो गया।

घटना शनिवार रात करीब तीन बजे की है। प्रेमनारायण रोज की तरह ड्यूटी के लिए अपनी बाइक से घर से निकले थे। जब वे नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर हंसपुरम सब्जी मंडी के पास पहुंचे, तो सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से आ रहा तेज रफ्तार डंपर उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव सिंह के अनुसार, सड़क पर ओवरलोड ट्रकों और डंपरों के लगातार आवागमन से सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे और टायरों के निशान बने हुए हैं, जिससे सड़क पर नालियां जैसी खाइयां बन गई हैं। इन्हीं खाइयों के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान उनके जेब में मिले रेलवे आईकार्ड से हुई। चालक हादसे के बाद डंपर छोड़कर फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। वहीं, रेलवे के दर्जनों कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और अपने साथी को श्रद्धांजलि दी।

स्थानीय लोगों ने एनएचएआई और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़क महीनों से खराब है, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की गई। लोगों ने मांग की है कि दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। मृतक के परिवार ने भी सरकार से मुआवजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रेमनारायण की असमय मौत से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।

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