बिहार में सीएम सीट खाली नहीं, यहां नीतीश कुमार हैं
मुजफ्फरपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को साहेबगंज (मुजफ्फरपुर) में आयोजित चुनावी सभा में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और जनता से एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बार भी “जंगलराज” की वापसी नहीं होने देगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाएगी।
सभा की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं बाबा गरीबनाथ धाम को प्रमाण मानकर अपने भाषण की शुरुआत करता हूं।” उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए सरकार ने बिहार को वह पहचान दी है जिसकी लोगों ने दशकों तक उम्मीद की थी। उन्होंने ऐलान किया कि सीतामढ़ी में माता सीता का भव्य मंदिर बनाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए एक महान धार्मिक केंद्र बनेगा।
अमित शाह ने कहा, “आपका वोट किसी उम्मीदवार को विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं, बल्कि बिहार को फिर से जंगलराज से बचाने के लिए होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल के 15 वर्षों में बिहार का जो पतन हुआ, वही जंगलराज अब भेष बदलकर फिर से लौटने की कोशिश कर रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में विकास की बयार लाई है। उन्होंने कहा, “एम्स, एयरपोर्ट, मेट्रो और पावरप्लांट जैसी सौगातें बिहार को मोदी-नीतीश की सरकार ने दी हैं। पहले जहां अराजकता थी, वहीं आज विकास हो रहा है।” शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी सरकार के प्रयास से ही मुजफ्फरपुर की लीची आज देश ही नहीं, दुनिया में अपनी मिठास फैला रही है।
उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में जी. कृष्णैया जैसे अधिकारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, और अगर तेजस्वी यादव सत्ता में आए तो बिहार में “तीन नए मंत्रालय” खुलेंगे — एक “अपहरण मंत्रालय”, दूसरा “रंगदारी मंत्रालय” और तीसरा “हत्या को बढ़ावा देने वाला मंत्रालय”। वहीं, एनडीए सरकार बनने पर “बाढ़ मुक्त बिहार” के लिए विशेष मंत्रालय बनाया जाएगा।
अमित शाह ने कांग्रेस और राजद पर भी हमला बोलते हुए कहा, “लालू प्रसाद यादव और सोनिया गांधी को अपने बेटों की चिंता सताती है। लालू अपने बेटे तेजस्वी को मुख्यमंत्री और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं। लेकिन, मैं दोनों को साफ बता देना चाहता हूं — दिल्ली और पटना की सीटें खाली नहीं हैं। दिल्ली में नरेंद्र मोदी हैं और बिहार में नीतीश कुमार हैं।”
सभा में उमड़ी भारी भीड़ के बीच शाह ने कहा कि बिहार की जनता एनडीए की सरकार को दोबारा चुनने का मन बना चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 6 नवंबर को होने वाले मतदान में जनता बिहार को एक बार फिर “विकास, स्थिरता और सुरक्षा” की राह पर आगे ले जाने के लिए एनडीए को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाएगी।






