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Saturday, February 28, 2026

इन्वेस्ट यूपी को नया स्वरूप: मुख्यमंत्री योगी ने पुनर्गठन को दी मंजूरी

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– देश के पांच शहरों में सैटेलाइट ऑफिस बनेंगे, निवेश को मिलेगी नई गति

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi) ने इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इन्वेस्ट यूपी शासी निकाय की बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाना है।

पुनर्गठन के तहत मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस खोले जाएंगे। वहीं टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे, जो निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तेजी से फैसले ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इन्वेस्ट यूपी को एक “एकल निवेश सुविधा एजेंसी” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को सभी सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट और परिणामोन्मुख बनाया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हुई हैं, जिससे औद्योगिक इकाइयों की कुल संख्या 27,000 तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र की सफलता का प्रमाण है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित किए गए हैं। अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जबकि 280 से अधिक कंपनियों से संवाद जारी है। मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के जरिए सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘सेफ सिटी’ की तर्ज पर ‘सेफ इंडस्ट्री’ की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश अब वैश्विक कंपनियों का प्रमुख गंतव्य बन रहा है। वर्तमान में 219 बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ निवेश प्रक्रिया के सक्रिय चरण में हैं। उन्होंने भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सर्किल रेट की असमानताओं को दूर करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि राज्य में 25,000 एकड़ से अधिक ग्रीनफील्ड भूमि और 6,300 एकड़ रेडी-टू-मूव भूमि निवेश हेतु उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग समन्वित रूप से काम करें ताकि उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का नंबर वन निवेश गंतव्य बन सके। बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी सहित शासन और इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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