लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय से ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने और आम जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने कहा कि “शून्य सहनशीलता” केवल नारा नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली का मूल सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने चोरी, चेन छिनैती और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में ऐसे आपराधिक मामलों के शीघ्र खुलासे पर विशेष जोर दिया गया, जिनमें प्रारंभिक स्तर पर अपराधी की पहचान नहीं हो पाती। डीजीपी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने थानों में जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए। शिकायतों को गंभीरता से सुनने के साथ उनका निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता में शामिल रखने पर बल दिया।
डीजीपी ने गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनकी शीघ्र बरामदगी के लिए गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा।
त्योहारों के दौरान तालाबों, नदियों और अन्य जलाशयों में डूबने तथा बिजली के करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया गया। इन घटनाओं में जनहानि रोकने के लिए शून्य जनहानि का लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही गई।
बैठक में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और प्रमुख मार्गों पर सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी सराहना की गई।
डीजीपी ने आईगॉट मंच पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए जाने की उपलब्धि की प्रशंसा की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और जनता के प्रति जवाबदेह पुलिस व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।


