समय से स्वीकृति और काम शुरू कराने की जरूरत, ड्रेजिंग कर नदी की धारा बीच में लाने की उठी मांग
रामनगर। चहलारी घाट से गणेशपुर होते अलीनगर , रानीमऊ बांध के किनारे तक इस सरयू नदी बह रही है। नदी के बढ़ते दबाव और कटान को देखते हुए बाढ़ कार्य खंड को 25 से अधिक परियोजनाएं बनानी पड़ सकती हैं। बांध को बचाने के साथ गांवों को बचाने के लिए समय से परियोजनाएं तैयार कराकर उनकी स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू कराना जरूरी होगा लेकिन अभी सर्वे कार्य ही जारी है।इसके अलावा ड्रेजिंग कराकर बाराबंकी की तरफ मुड़ी नदी की धारा को बीच में लाने की भी जरूरत रहेगी। इन कार्यों की परियोजनाएं तैयार करने में विभाग की सुस्ती दिखाई दे रही है।
खूब हुई कटान : इस बार सरयू नदी ने बांध के किनारे पच्चीस तीस स्थानों सहित कृषि जमीन और गांवों में मकानों की खूब कटान की। दो स्परों को क्षति पहुंची जबकि कोठरी गौरिया तक जगह-जगह नदी ने गांव किनारे कटान की। आगामी समय में कटान से बचाव को लेकर ग्रामीणों में चिंता है ।उधर बाढ़ कार्य खंड बाराबंकी ने अपने इंजीनियरों से सर्वे में लगाया है ताकि पूरे बांध किनारे की क्षति व गांवों की क्षति का आकलन कराकर परियोजनाएं बनाई जा सके जिससे समय से स्वीकृति होकर कार्य शुरू हों ताकि बाढ़ के अगले सीजन से पहले गांवों और बांध को सुरक्षित किया जा सके।
बाराबंकी की तरफ बह रही सरयू :
बताया गया कि पिछले वर्षों में गोंडा और बहराइच की तरफ नदी से बचाव के लिए तमाम परियोजनाएं स्वीकृत हुईं लेकिन बाराबंकी की तरफ अपेक्षाकृत कम परियोजनाएं मिलीं जिससे नदी का दबाव उधर से इधर हुआ और पूरी नदी बाराबंकी की तरफ बहने लगी जिसने खूब कटान की। इस बार क्षेत्र की जरूरत के मुताबिक परियोजनाएं तैयार कराकर उन सभी की स्वीकृति जल्द दिलाने की मांग उठ रही है। स्थानीय निवासी राजेश कुमार,महेश,प्रदीप, अम्बरीष,आशीष,कुंवारे का कहना है कि सरयू की धारा बाराबंकी की तरफ मुड़ने से कटान का खतरा सदैव रहेगा इसलिए गांवों के आसपास बचाव कार्य के साथ बांध सुरक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे।
ड्रेजिंग की भी उठी मांग : नदी की धारा को सीधा और नियंत्रित करने के लिए ड्रेजिंग कराने की भी मांग हो रही है। ग्रामीण कह रहे की इससे पानी का बहाव बीच धारा में हो सकेगा और किनारों पर कटान का दबाव कम होगा। बन रही परियोजनाओं की स्वीकृति और निर्माण में यदि देरी न हुई तो अगले बाढ़ सीजन में गांवों के साथ बांध की सुरक्षा को लेकर कार्य समय से हो सकेंगे। बाढ़ कार्य खंड के अधिशाषी अभियंता एस के सिंह ने बताया कि सभी इंजीनियर सर्वे कार्य में जुटे है।समय से परियोजनाएं भेजी जाएंगी।
सरयू की कटान से बचाव के लिए बनानी होंगी 25 से अधिक परियोजनाएं


