लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पांच फरवरी से 24 फरवरी के बीच प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव और बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में टकराव रोकना चुनाव आयोग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए चुनौती होगा। माना जा रहा है कि यूपी में बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तारीखें तय की जा सकती हैं। हालांकि, चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।
यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है। वहीं, मणिपुर, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः मार्च 2027 में पूरा हो रहा है। ऐसे में पांचों राज्यों के चुनाव निर्धारित संवैधानिक समयसीमा के भीतर कराने होंगे। वर्ष 2022 में भी इन पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव एक साथ कराए गए थे। इस बार भी चुनाव आयोग के सामने सभी राज्यों में समय पर चुनाव कराने की चुनौती रहेगी।
फरवरी में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं होने के कारण चुनाव कार्यक्रम तय करते समय परीक्षा केंद्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता का ध्यान रखना होगा। चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं और मतदान की तारीखों में अंतर रखना जरूरी होगा, ताकि दोनों व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उच्चस्तर पर विचार-विमर्श के बाद बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें निर्धारित की गई हैं। विभाग को उम्मीद है कि चुनाव आयोग अपना कार्यक्रम इस तरह तय करेगा कि परीक्षाओं और मतदान की तारीखों में टकराव न हो।
वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में आठ जनवरी को आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी। इसके बाद 10 फरवरी से सात मार्च तक सात चरणों में मतदान कराया गया था। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक दलों और मतदाताओं की निगाहें चुनाव आयोग की घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल चुनाव की तारीखों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और अंतिम निर्णय आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम के बाद ही सामने आएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद हो सकता है विधानसभा चुनाव, फरवरी-मार्च में पांच राज्यों में मतदान की तैयारी


