शमशाबाद/फर्रुखाबाद। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक माता रानी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, समाज की खुशहाली और देश की उन्नति की कामना की। नवरात्र के आगमन से कस्बे और गांवों में भक्तिमय माहौल दिखाई दिया।
हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व नौ दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास रखते हैं और मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र के पहले दिन महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग पूजा की थालियां सजाकर माता रानी के दरबार की ओर जाते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए मंदिर पहुंचे।
नवरात्र को लेकर शहर से लेकर गांवों तक मंदिरों को सजाया गया था। मंदिर परिसर रंग-बिरंगी झालरों और इलेक्ट्रिक लाइटों से जगमगाते नजर आए। कहीं डीजे की धुन पर भक्त झूमते दिखाई दिए, तो कहीं महिलाएं ढोलक की थाप पर भक्ति गीत गाते हुए नृत्य करती नजर आईं। मंदिरों में पूजा-पाठ और आरती का दौर चलता रहा। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और चहल-पहल का माहौल बना रहा।
नवरात्र के पहले दिन धार्मिक गतिविधियों के साथ बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। पूजा सामग्री, माता रानी के चित्र, कैलेंडर और मूर्तियों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों को सजाकर पूजा से संबंधित सामान बिक्री के लिए रखा था। वहीं श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ के लिए फल, फूल, नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की। बाजारों में बढ़ी चहल-पहल से व्यापारियों में भी उत्साह नजर आया।
राजा खोर की सुप्रसिद्ध नगरी शमशाबाद के गुमटी महादेव मंदिर और चौमुखी महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन मंदिरों में कई दशकों से भक्तों की गहरी आस्था बनी हुई है। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी रही।
नगर के गंगा रोड स्थित स्वामी सर्वानंद मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके अलावा रोशनाबाद, बेला, सरायगजा, राजा रामपुर, हाजियापुर और फैजबाग सहित आसपास के कई गांवों और कस्बों के मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ देखी गई। जगह-जगह धार्मिक आयोजन और पूजा-पाठ के चलते पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
नवरात्र के अवसर पर पूजा सामग्री और फल-फूल की खरीदारी के बीच महंगाई का असर भी चर्चा में रहा। कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और फल, जैसे सेब, केला और अंगूर आदि की कीमतों में बढ़ोतरी महसूस हुई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। शारदीय नवरात्र के पहले दिन धार्मिक आस्था के साथ बाजारों की रौनक ने पूरे शमशाबाद क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंग दिया।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि


