=सदर तहसील रजिस्ट्रार कार्यालय और पुलिस के दांव पेंच ने पूरे दिन भटकाया संभ्रांत व्यापारी, नही काटने दी रसीद
आईजीआरएस पर शिकायत के बाद मामला डीएम दरवार से लेकर शासन तक पहुंचने की तैयारी
यूथ इंडिया, फर्रूखाबाद
समाजवादी पार्टी की सरकार में तो दबंग और गुण्डे प्रवत्ति के लोग भू-माफियागीरी करते थे लेकिन योगी महाराज के सुशासन में गुण्डे जेलों से लेकर बिलों में घुसे हैं तो वहीं अब सिस्टम ही चुपके-चुपके माफियाराज को कायम करने की तैयारी में है।
घोर सपा मानसिकता और खुले भ्रष्टाचार के लिए प्रख्यात सदर तहसील के निबंदन कार्यालय के रजिस्ट्रार रविकांत यादव का तो इन दिनों भू-माफियाओं पर बरदहस्त रखने का बोलबाला चर्चाए आम है। चौकाने वाली बात तो सबसे बड़ी यह निकली कि इस पूरे खेल में पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर गुरूवार रजिस्ट्री दफ्तर पर डटी रही।
गुरूवार यानि आठ अक्टूवर को सुबह छह बजे जिस वक्त शहर कोतवाली के मोहल्ला पुराना कोठा पार्चा निवासी ईट भट्टा व्यवसायी आयुष रस्तोगी पुत्र स्व० रवि कुमार रस्तोगी और उनका परिवार सो रहा था, तो दरोगा शिव कुमार भारी दल-बल के साथ उनकी कुंडी खटखटाते हैं और कहते हैं कि मोहल्ला खतरंबा निवासी अखिलेश उर्फ रामजी शुक्ला ने उनके खिलाफ एक प्रार्थना पत्र दिया है उन्हें अभी प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार ने बुलाया है काफी देर बातचीत के बाद श्री रस्तोगी ने इंस्पेक्टर आदि से बात कर मामला संभाला। गौरतलब है कि जिले की पुलिस एक लाख के ईनामी बदमाशों तक को ढूंढ नही पा रही है बड़ी-बड़ी घटनाओं को खोल नही पा रही और एक बड़े व्यवसायी के घर तडक़े इस अंदाज में पहुंची कि किसी बड़े अपराधी को गिरफ्तार करना है।
कहानी यहां खत्म नही हुई तहसील सदर स्थित निबंधन कार्यालय पर आयुष रस्तोगी के अधिवक्ता पंकज राजपूत एडवोकेट श्री रस्तोगी की पर्ची फीड कराने के लिए पहुंचे तो खुद रजिस्ट्रार रविकांत यादव ने उनसे कहा कि आयुष रस्तोगी के ऊपर बीती रात चार मुकदमें पंजीकृत किये गये हैं। उनके ईंट भट्टा भी सील करने की प्रशासन तैयारी कर रहा है। उनकी तलाश में बजरिया चौकी इंचार्ज यतेन्द्र सिंह अपने सिपाहियों संग उनके कार्यालय में ही बैठे हैं। कई एसओजी के जवान भी आस पास घूम रहे है। उनको बुला लो, इतने में एडवोकेट पंकज राजपूत ने कहा कि उन्हें इस सब मामले से क्या लेना देना उनकी पर्ची कटवा दीजिए ताकि आयुष रस्तोगी के एग्रीमेंट का समय बढ़ सके। रजिस्ट्रार ने हाथ खड़े कर दिये बोले पुलिस बैठी है वह सक्षम नही है, हालाकि श्री रस्तोगी के वकील द्वारा पूरा मामला आईजीआरएस पर कर दिया गया। हालाकि रस्तोगी के विपक्षी रजिस्ट्रार के आस पास पूरे दिन रहे और अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली।
यह है पूरा मामला………
वर्ष २०२० में तलैया फजल इमाम निवासी प्रदीप गुप्ता, आशीष गुप्ता, अरविन्द गुप्ता आदि से आयुष रस्तोगी पुत्र स्व० रवि कुमार रस्तोगी ने श्याम नगर साक्षीधाम के पीछे जमीन का एग्रीमेंट कराया था। जिसमें रास्ता नहीं था सरकारी तालाब पाटकर रास्ता दे दिया था। जब श्री रस्तोगी ने अपनी जमीन पर जाने के लिए रास्ता डाला तो सरकारी तालाब को जिला प्रशासन ने गढ़्ढा कर दिया। जमीन विवादित होने पर वर्ष २०२३ में एग्रीमेंट का समय फिर बढवाया गया। गुप्ता ब्रदर्स द्वारा रास्ते का विवाद २०२६ तक जब नही निपटाया गया तो श्री रस्तोगी ने और समय बढ़ाने के लिए गुप्ता ब्रदर्स को नोटिस दिया और आज ०८ अक्टूवर को रसीद कटाने की मुहिम छेड़ी। गुप्ता ब्रदर्स ने रजिस्ट्रार और पुलिस से सांठगांठ कर पूरी कहानी सेट की और भोलेभाले व्यापारी संग खुली बेईमानी करने की व्यवस्था कर डाली। सबसे ज्यादा आश्चर्य जनक बात तो तब सामने आई जब प्रभारी मंत्री के करीबी युवक अमन भी रजिस्ट्रार दफ्तर मे डटे रहे और उन्होने कई बार मंत्री का नाम लेकर गुप्ता ब्रदर्स के लिए माहौल बनाया। आयुष रस्तोगी ने बताया कि खतरंबे निवासी अखिलेश उनसे धन उगाही करना चाहता है।


