– 250 परिवार सुरक्षित निकाले गए, 100-100 बेड वाले तीन स्थायी केंद्रों में भी व्यवस्था
– 200 से अधिक सफाईकर्मी तैनात
लखनऊ। गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नगर निगम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के सुरक्षित ठहराव के लिए 12 रैन बसेरों की व्यवस्था की है। दाउदनगर में 10, जबकि लोहरामऊ और मिल्लतनगर में एक-एक रैन बसेरा बनाया गया है। इसके अलावा पलटन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड वाले तीन स्थायी केंद्रों में भी प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
रैन बसेरों में बिस्तर, पंखे, कूलर और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन के अनुसार पुराने शहर के जलभराव वाले इलाकों से अब तक करीब 250 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि लगभग 300 लोग रैन बसेरों में रह रहे हैं। प्रभावित परिवारों को भोजन और राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 90 नावों का संचालन शुरू किया है। नावों और स्टीमर के माध्यम से जलभराव वाले इलाकों में राहत एवं खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। कई स्थानों पर नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक निकाला जा रहा है।
जलभराव के बाद संक्रमण और गंदगी की समस्या से निपटने के लिए 200 से अधिक सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम की टीमें फॉगिंग और सफाई अभियान भी चला रही हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को फूड पैकेट और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभिन्न मोहल्लों में भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं, जबकि पेयजल की आपूर्ति के लिए पानी के टैंकर भी लगाए गए हैं।
नगर निगम और जिला प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल शौचालय और स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजाम भी बढ़ाए हैं। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रखने तथा प्रभावित परिवारों की जरूरत के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।


