डीएम कार्यालय के बाहर परिजनों का धरना जारी
फर्रुखाबाद। न्यायालय कर्मचारी अमित मिश्रा की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस पर हमले की शिकायत के बावजूद समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए परिजन मंगलवार को पुलिस लाइन में पहुंच गए। वहां काफी हंगामे और कहासुनी के बाद परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। देर शाम तक धरना जारी रहा। इस दौरान परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
राजेपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी राजेश कुमार मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा अमित मिश्रा न्यायालय कर्मचारी था। 27 सितंबर की रात करीब आठ बजे जनपद न्यायाधीश के आवास पर ड्यूटी पूरी करने के बाद वह घर लौट रहा था। करीब साढ़े आठ बजे गढ़िया मोड़ के पास कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया। अमित किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा और उसने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। राजेपुर पुलिस ने घायल अमित का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया।
राजेश कुमार का आरोप है कि अगले दिन उन्होंने मामले की जांच कर रहे दरोगा आशुतोष कुमार यादव को हमलावरों के नाम और उनके मोबाइल नंबर तक उपलब्ध करा दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जब वह अपने बेटे के साथ दरोगा से मिले तो कथित तौर पर उन्हें गाली-गलौज कर वहां से भगा दिया गया। परिजनों के मुताबिक कार्रवाई नहीं होने से अमित मानसिक रूप से भयभीत था और उसे आशंका थी कि हमलावर दोबारा उस पर हमला कर सकते हैं।
परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह अमित ने परिवार से कहा कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने के कारण हमलावरों के हौसले बढ़ गए हैं और उसे जान से मार सकते हैं। इसी दौरान उसके सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तत्काल लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और न्यायालय कर्मचारियों व परिजनों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश फैल गया।
अमित की मौत के बाद परिजन पुलिस लाइन पहुंचे, जहां पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी कहासुनी हुई। इसके बाद आक्रोशित परिजन कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। परिजनों की मांग है कि अमित पर हमला करने वालों के साथ-साथ मामले में लापरवाही बरतने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने अमित के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। वहीं, पुलिस की ओर से मामले में रिपोर्ट दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि परिजन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर देर शाम तक धरना जारी था।


