लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति और मौजूदा सरकार के कार्यकाल के बीच अंतर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में कठिनाई होती थी। उन्होंने यह टिप्पणी अपने प्रदेश की प्रगति से जुड़े वक्तव्य में की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “2017 से पहले तस्वीर अलग थी। घोषणाएं होती थीं, लेकिन जमीन पर काम नहीं होता था, क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।”
उन्होंने कहा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे तैयार हो सकता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्राथमिकताएं बदली हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब “परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी” को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, कृत्रिम मेधा और स्टार्टअप के क्षेत्र में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश मोबाइल फोन के संयोजन से आगे बढ़कर माइक्रोचिप निर्माण और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री के इन बयानों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की पिछली सरकार के कार्यकाल को लेकर भाजपा और सपा के बीच जारी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी का सपा पर हमला, बोले- 2017 से पहले परिवारवाद ही विकास का मॉडल था


