लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बख्शी का तालाब क्षेत्र के अकड़रिया कला गांव पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी के तट का सर्वे कराकर तटबंध निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध के साथ ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में बाढ़ की समस्या से लोगों को राहत मिल सके। गांवों से बरसात का पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था करने को भी कहा।
योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को खुले में न रहने दिया जाए। स्कूलों और मैरिज हॉल में उनके ठहरने, गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध, गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार तथा पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्पदंश रोधी और रेबीज रोधी इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मकान क्षतिग्रस्त होने, जनहानि, पशुहानि और फसल नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश के बाद गोमती का जलस्तर बढ़ा है, जिससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर, फैजुल्लागंज से लेकर नैमिष क्षेत्र तक जलभराव की स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।


