28 C
Lucknow
Monday, October 5, 2026

कर्नाटक: सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश से कैदी की रिहाई का आरोप, DIG प्रिजन्स सोमशेखर गिरफ्तार

Must read

बेंगलुरु: कर्नाटक (Karnataka) से जेल प्रशासन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के कथित फर्जी आदेश के आधार पर उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी को रिहा कराने के मामले में बेंगलुरु सेंट्रल जेल के पूर्व चीफ सुपरिन्टेन्डेन्ट और मौजूदा DIG प्रिजन्स सोमशेखर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उन्हें 4 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

मामला बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से जुड़ा है। जेल के सुपरिन्टेन्डेन्ट (इंचार्ज) ने 20 मई 2026 को परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के मुताबिक, कैदी शंकर ए. को चिकपेट पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट-I ने 12 जुलाई 2004 को उम्रकैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में की गई अपीलों के बावजूद सजा बरकरार रही।

पुलिस के अनुसार, इसी दौरान जेल में कार्यरत श्रीकांत एस. ने शंकर की आपराधिक अपील से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कथित फर्जी कॉपी तैयार की। इस दस्तावेज में 2 नवंबर 2018 को उसकी रिहाई का आदेश पारित होने का दावा किया गया था। पुलिस का आरोप है कि इसी कथित फर्जी आदेश के आधार पर शंकर ए. को 13 नवंबर 2018 को जेल से रिहा कर दिया गया। जांच में श्रीकांत की भूमिका सामने आने के बाद उससे पूछताछ की गई।

पुलिस ने कैदी की पत्नी से भी पूछताछ की। उनके बयान में तत्कालीन चीफ सुपरिन्टेन्डेन्ट पर कैदी की रिहाई में मदद करने और इसके बदले यौन लाभ लेने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप की जांच अभी जारी है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि तत्कालीन चीफ सुपरिन्टेन्डेन्ट, जो वर्तमान में DIG प्रिजन्स के पद पर कार्यरत हैं, ने मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जांच एजेंसी से कथित तौर पर छिपाई और जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। पुलिस ने उन्हें 4 अक्टूबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। आगे की जांच के लिए अदालत ने 9 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत मंजूर की है। मामले में जांच जारी है।

 

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article