नई दिल्ली: दिल्ली की दक्षिण-पूर्वी साइबर थाना (South-East Cyber Police Station) पुलिस ने कूरियर डिलीवरी (Courier delivery) का पता अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड नासिर हुसैन, शौकीन और पूर्व रिटेल बिजनेस एग्जीक्यूटिव आशीष आर्य को गिरफ्तार किया है। जांच में 100 से अधिक संदिग्ध फ्यूल कार्ड और करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, 7 मई को शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार गुप्ता को WhatsApp पर कूरियर सर्विस के नाम से एक मैसेज मिला। इसमें डिलीवरी का पता अपडेट करने के लिए एक APK फाइल भेजी गई थी। फाइल खोलने के बाद उनसे 2 रुपये का भुगतान करने के लिए HDFC नेट बैंकिंग की जानकारी मांगी गई। जानकारी दर्ज करते ही उनके बैंक खाते से दो बार में 1,99,009.44 रुपये और 1,98,009.44 रुपये निकाल लिए गए। कुल 3,97,018.88 रुपये की ठगी के बाद शिकायत दर्ज कराई गई।
बैंकिंग और पेमेंट रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि करीब 3.97 लाख रुपये का इस्तेमाल HPCL Drive Track Plus के एक कस्टमर आईडी को रिचार्ज करने में किया गया। इससे जुड़े दो ट्रकों के फ्यूल कार्ड के जरिए करीब 15 लाख रुपये के लेनदेन सामने आए। टेलीकॉम रिकॉर्ड, सिम जारी करने की जानकारी, पॉइंट-ऑफ-सेल रिकॉर्ड और फ्यूल कार्ड एनरोलमेंट की जांच के बाद पुलिस की जांच मेवात क्षेत्र तक पहुंची।
वीडियो KYC के जरिए पुलिस शौकीन तक पहुंची। इसके बाद राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के टपुकड़ा क्षेत्र से नासिर हुसैन को ट्रेस किया गया। पुलिस ने 28 सितंबर को आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आशीष आर्य ने कथित तौर पर बताया कि उसने सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स का फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना फ्यूल कार्ड का एनरोलमेंट किया था।
पुलिस के मुताबिक, 100 से अधिक संदिग्ध फ्यूल कार्ड सामने आए हैं और करीब 150-200 फर्जी कार्ड बनाए जाने की आशंका है। प्रत्येक कार्ड की लिमिट 7.5 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है। दक्षिण-पूर्वी जिले के साइबर थाने में दर्ज दो अन्य मामलों में भी नासिर की कथित संलिप्तता सामने आई है। अन्य राज्यों की शिकायतों से संभावित कनेक्शन और नूंह के नगीना थाने में दर्ज एक साइबर ठगी मामले की भी जांच जारी है।


