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Thursday, October 1, 2026

16 गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से किया गया पृथक, दो गांवों में 52(1) के तहत चकबंदी पूरी

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– मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद चकबंदी प्रक्रिया में तेजी
– किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने की कवायद तेज कर दी गई है। इसी क्रम में चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने लंबे समय से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित ग्रामों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
चकबंदी आयुक्त के निर्देशों के तहत छह जनपदों के 16 ग्रामों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से पृथक कर दिया गया है। इनमें कई गांव ऐसे हैं जहां 12 से 14 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी।
प्रेस नोट के अनुसार जनपद बदायूं के ग्राम पिण्डौल और बेहटा गुसाई में पिछले 14 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। वहीं सम्भल के मैथरा आलपुर, सादातबाड़ी, लहरावन और बिसारू, बांदा के हटेटीपुरवा, उन्नाव के चकरसूलपुर, मुण्डा और नाजिरपुर तथा चित्रकूट के पहाड़ी बुजुर्ग, नहरा और अर्की में भी चकबंदी प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी।
इसके अलावा दो वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में शामिल बांदा के रामनगर निस्फ तथा अमरोहा के सिरसा गूजर ऐ0 और सतेड़ा ऐ0 को भी धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से पृथक किया गया है।
चकबंदी विभाग के अनुसार जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना व्यवहारिक नहीं रह गया था, उन्हें निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत प्रक्रिया से बाहर किया गया है। इनमें गांवों का किसी विकास योजना के अधीन आ जाना, तेजी से शहरीकरण, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना तथा गांव में गुटबंदी या दलबंदी जैसी परिस्थितियां शामिल हैं।
विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जाने के बावजूद जिन ग्रामों में चकबंदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी, उनके संबंध में भी धारा-6(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा लंबे समय से लंबित दो अन्य ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया को पूरा कराया गया है। आजमगढ़ के ग्राम कुंजी में 34 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। नियमित अनुश्रवण के बाद यहां जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई।
इसी प्रकार मीरजापुर के ग्राम बबुरा कला में 12 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को भी धारा-52(1) के तहत पूरा कराया गया है।

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