शरद कटियार
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच समाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाकर अपने इरादों का एक हिस्सा स्पष्ट कर दिया है। लेकिन तीसरे प्रत्याशी को लेकर अब भी तस्वीर धुंधली है। यही अनिश्चितता प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं और संभावनाओं को जन्म दे रही है।
सबसे अधिक चर्चा भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के नाम को लेकर है। यह चर्चा केवल नाम तक सीमित नहीं है। बुधवार को अखिलेश यादव द्वारा बृजभूषण शरण सिंह के साथ अच्छे संबंध होने की बात कहे जाने और राजनीतिक रूप से किसी के सपा के साथ आने की संभावना पर सकारात्मक संकेत दिए जाने के बाद अटकलों को और बल मिला है।
हालांकि राजनीति में संकेत और निर्णय के बीच काफी अंतर होता है। अभी तक समाजवादी पार्टी ने बृजभूषण शरण सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसलिए उनके नाम को फिलहाल संभावित राजनीतिक विकल्प के रूप में ही देखा जाना चाहिए। तीसरे प्रत्याशी के तौर पर अन्य नामों की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में चल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू राज्यसभा का चुनावी गणित भी है। तीसरे उम्मीदवार के लिए केवल राजनीतिक चर्चा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि संख्या बल और समर्थन जुटाना निर्णायक होगा। अखिलेश यादव का संख्या बल पर जोर देना इसी चुनावी गणित की ओर संकेत करता है।
बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव के बीच संबंधों को लेकर दिए गए बयान ने भी राजनीतिक विमर्श को नया विषय दे दिया है। बृजभूषण की ओर से अखिलेश यादव को लेकर सकारात्मक टिप्पणी किए जाने से दोनों नेताओं के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होना स्वाभाविक है, लेकिन इन बयानों को किसी अंतिम राजनीतिक निर्णय का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी।
राज्यसभा चुनाव का यह दौर केवल उम्मीदवारों के चयन का मामला नहीं है, बल्कि दलों की रणनीति, संख्या बल और संभावित राजनीतिक समीकरणों की परीक्षा भी है। समाजवादी पार्टी के दो नाम सामने आ चुके हैं, जबकि तीसरे नाम पर पर्दा कायम है। अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अखिलेश यादव इस खाली पत्ते को कब खोलते हैं और उस फैसले का चुनावी गणित पर क्या प्रभाव पड़ता है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि बृजभूषण शरण सिंह का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन आधिकारिक घोषणा के अभाव में इसे राजनीतिक संभावना से आगे नहीं माना जा सकता। तीसरे प्रत्याशी की घोषणा ही इन तमाम अटकलों को विराम देगी।


