नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा हो चुके राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में नए मतदाता का नाम जोड़ने वाले आवेदन पत्र से एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। अब इन क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वालों से पिछली मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी के नाम से संबंधित अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी जाएगी।
एसआईआर के दौरान आवेदन पत्र में यह जानकारी देनी होती थी कि आवेदक या उसके माता-पिता का नाम पिछली मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं। पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित इस अतिरिक्त जानकारी को अब उन क्षेत्रों में हटा दिया गया है, जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह बदलाव चुनाव आयोग की ऑनलाइन व्यवस्था में किया गया है।
नाम कटने पर दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया जारी
एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम छूट गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि नाम अपने आप वापस जुड़ जाएगा। ऐसे व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद मतदाता बनने की पात्रता और अन्य जरूरी विवरणों की जांच पहले की तरह होगी।
पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को भी इस बदलाव से राहत मिलेगी। उन्हें आवेदन करते समय पुराने मतदाता रिकॉर्ड में माता-पिता या दादा-दादी का नाम तलाशकर उससे जुड़ी अतिरिक्त घोषणा देने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए सामान्य पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया लागू रहेगी।
जिन क्षेत्रों में एसआईआर जारी, वहां पुरानी व्यवस्था
जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां आवेदन पत्र में एसआईआर से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है। एसआईआर पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों में भी सामान्य आवेदन प्रक्रिया के तहत नाम जोड़ने की व्यवस्था लागू होगी।
दो चुनाव आयुक्तों ने उठाए थे सवाल
आवेदन पत्र में एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जोड़े जाने को लेकर चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने निर्धारित नियमों के तहत तय आवेदन पत्र में अतिरिक्त जानकारी जोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। बाद में चुनाव आयोग ने एसआईआर पूरा हो चुके क्षेत्रों में आवेदन पत्र से अतिरिक्त घोषणा हटाने का फैसला किया।
पुराने मतदाता रिकॉर्ड का महत्व बरकरार
आवेदन पत्र से अतिरिक्त घोषणा हटने का यह अर्थ नहीं है कि पुरानी मतदाता सूचियों का इस्तेमाल बंद हो जाएगा। एसआईआर के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड का मिलान और सत्यापन अलग प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है। बदलाव केवल आवेदन पत्र में मांगी जाने वाली अतिरिक्त घोषणा से संबंधित है।


