लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी में अंसल एपीआई की परियोजना से जुड़े भूमि प्रकरण की जांच में सरकारी जमीन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 173 हेक्टेयर ग्राम समाज की जमीन से संबंधित मामले में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
जांच के मुताबिक करीब 85 हेक्टेयर जमीन का पुनर्ग्रहण ही नहीं कराया गया, इसके बावजूद उस जमीन पर लोगों को कब्जा देकर भूखंडों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। वहीं करीब 88 हेक्टेयर पुनर्ग्रहित ग्राम समाज की जमीन के संबंध में भी बिना लीज डीड कराए बिक्री और कब्जा दिए जाने का खुलासा जांच में हुआ है।
समिति की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, करीब 173 हेक्टेयर भूमि के मामले में जमीन के पुनर्ग्रहण और लीज डीड जैसी जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना ही भूखंडों की बिक्री और कब्जा दिए जाने के आरोप हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस भूमि की कीमत अरबों रुपये में बताई गई है।
जांच के दौरान कराए गए फॉरेंसिक ऑडिट में भी वित्तीय अनियमितताओं के साथ घर खरीदारों से जुड़े अन्य मामलों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अंसल एपीआई के खिलाफ 252 प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। समिति ने इन मामलों की विवेचना को आगे बढ़ाकर परिणाम तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
जांच समिति ने मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है। वहीं सुशांत गोल्फ सिटी से जुड़े भूमि विवादों पर प्रशासनिक कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मई 2026 में इस प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपे जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।


