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Monday, September 28, 2026

योगी के मुख्यमंत्री बनते ही लागू हुआ ‘रूल ऑफ लॉ’, यूपी का पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदला : सुरेश खन्ना

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50-50 वर्षों से ठंडी पड़ी योजनाओं को मिली रफ्तार, बुंदेलखंड में जहां पीने के पानी का था संकट, आज वहां हो रहीं तीन फसलें

इंटरनेशनल ट्रेड शो के ‘फ्रॉम फाइनेंशियल डिसिप्लिन टू ट्रांसपेरेंट सर्विस डिलीवरी’ कार्यक्रम में बोले वित्त मंत्री

कहा- ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर सरकार ने किया काम, कृषि, उद्योग और सर्विस सेक्टर में बढ़ी प्रदेश की ताकत

ग्रेटर नोएडा, 28 सितम्बर : उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ लागू हुआ और कानून-व्यवस्था बेहतर होने से पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदल गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर काम करते हुए कृषि, उद्योग, सर्विस सेक्टर और वित्तीय प्रबंधन में सुधार किया है।

‘फ्रॉम फाइनेंशियल डिसिप्लिन टू ट्रांसपेरेंट सर्विस डिलीवरी’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कभी विकास के पैमाने पर पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य की जीएसडीपी में बढ़ोतरी के साथ कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी प्रगति हुई है।

खन्ना ने कहा कि सरकार ने 50-50 वर्षों से ठंडी पड़ी योजनाओं पर काम किया। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ और इसका बड़ा असर बुंदेलखंड में दिखाई दे रहा है। जहां कभी पीने के पानी तक का संकट था, वहां अब खेती की स्थिति बदली है और तीन-तीन फसलें तक हो रही हैं। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया।

वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद से पैसा सीधे उनकी जेब तक पहुंचा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिली। किसान क्रेडिट कार्ड का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की सहायता से पात्र लोगों को छह लाख रुपये तक का कर्ज छह प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ा है और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए बड़े निवेश को धरातल पर उतारा गया। मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस और पर्यटन क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। सरकार ने गैर-जरूरी खर्च रोककर वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने हाल में विभागों को बजट के समयबद्ध इस्तेमाल और वित्तीय स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।

रोजगार का जिक्र करते हुए सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश में अब तक 9.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है और नियुक्तियों में योग्यता व क्षमता को आधार बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने एक लाख और सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि हुनरमंद युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर नए उद्यमियों तक को वित्तीय मदद देकर आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाया गया है।

डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी बेहद जरूरी

साइबर अपराध पर सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी होना बेहद जरूरी है। यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो उसे यह पता होना चाहिए कि तत्काल क्या कदम उठाने हैं और पैसा वापस पाने के लिए किस प्रक्रिया का पालन करना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार के जरिए उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।

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साइबर फ्रॉड में पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण

एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने साइबर अपराध की चुनौतियों और उनसे बचाव के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी, फर्जी अप्रूवल और अन्य तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच और सतर्कता बेहद जरूरी है। साइबर फ्रॉड में समय सबसे महत्वपूर्ण है। पहले एक घंटे के भीतर शिकायत करने से रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में मजबूत व्यवस्था की गई है। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क है, जबकि लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर के साथ साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर संचालित किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम रोकने की कार्रवाई की जाती है। राजेश यादव ने कहा कि साइबर अपराध सीमाओं से परे होने वाला अपराध है, इसलिए पुलिस और बैंकों के साथ स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लबों तथा स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है।

इस दौरान सचिव वित्त संदीप कौर, विशेष सचिव वित्त मनोज कुमार तिवारी, साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, एसबीआई नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक राजीव कुमार मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय मुंबई संजीव डी. रोहिल्ला, उप महाप्रबंधक, केनरा बैंक, नई दिल्ली संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे।

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