– परिजनों ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
– अधिवक्ता राजीव वाजपेयी की पैरवी पर उच्चाधिकारियों ने लिया संज्ञान
फर्रुखाबाद। 80 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला की करोड़ों की जमीन को बेहद कम कीमत में एग्रीमेंट कराए जाने का मामला सामने आया है। छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के ग्राम नगला मान निवासी मुन्नी देवी पत्नी मेवाराम के मायके की करीब 7.5 बीघा जमीन मोहम्मदाबाद क्षेत्र के कीलमापुर में मिली थी।परिजनों का आरोप है कि खसरा संख्या 5769, रकबा 0.5590 की इस जमीन का एग्रीमेंट महज 30 लाख रुपये की खरीदार राशि दिखाकर करा लिया गया, जबकि जमीन मुख्य सड़क पर स्थित होने के कारण इसकी वास्तविक कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
परिजनों के मुताबिक एग्रीमेंट में आठ लाख रुपये और दस रुपये के चेक दिए जाने का उल्लेख है, लेकिन आरोप है कि इन चेकों में पर्याप्त धनराशि नहीं थी। वहीं एग्रीमेंट में 30 लाख रुपये में से करीब 10 लाख रुपये बकाया दर्शाए जाने की बात भी सामने आई है। परिवार का आरोप है कि इतनी कम कीमत पर जमीन का सौदा कराया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
मामले में परिजनों ने सरवन पुत्र राजीव चंदेल निवासी करथिया मोहम्मदाबाद, अमन सिंह पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी नगला छिद्द हरिनगर तहसील छिबरामऊ, जितेंद्र प्रताप पुत्र बलवीर निवासी गांधीनगर मोहम्मदाबाद तथा धर्मवीर सिंह पुत्र सर्वेश सिंह निवासी जैतपुर के नाम एग्रीमेंट हो गया । परिजनों का यह भी कहना है कि एग्रीमेंट में गवाहों को भी उनकी जानकारी के बिना बाहर से बुलाकर शामिल किया गया।
परिजनों के अनुसार मुन्नी देवी की उम्र करीब 80 वर्ष है और उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं रहता। ऐसे में उनके नाम की जमीन के संबंध में दस्तावेज तैयार कराने और एग्रीमेंट कराने की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। परिवार का कहना है कि यदि बुजुर्ग महिला की स्थिति को देखते हुए उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या अन्य औपचारिकताएं कराई गई हैं तो इसकी भी जांच होनी चाहिए।
मामले की जानकारी होने पर मुन्नी देवी के तीनों पुत्र पंकज, कौशलेंद्र और योगेंद्र परेशान हैं। उनका कहना है कि उन्हें जब जमीन के एग्रीमेंट की जानकारी मिली तो वे कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकारियों और अधिवक्ताओं के चक्कर लगा रहे हैं। परिवार ने पूरे मामले की जांच कराकर जमीन के दस्तावेज, भुगतान, चेक, गवाहों और एग्रीमेंट की परिस्थितियों की सत्यता सामने लाने की मांग की है।बुजुर्ग महिला की जमीन, करोड़ों की कीमत और महज 30 लाख का एग्रीमेंट पूरा मामला जांच का विषय बन गया है। अब सवाल यह है कि आखिर इतनी बेशकीमती जमीन का सौदा इतनी कम कीमत पर किन परिस्थितियों में कराया गया और एग्रीमेंट में दर्शाए गए भुगतान की वास्तविक स्थिति क्या है।


