फर्रुखाबाद। हाईटेंशन लाइन में आई खराबी को ठीक करने के दौरान एक संविदा लाइनमैन पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रविवार शाम जहानगंज थाना क्षेत्र में रसीदापुर तिराहा के पास हुआ। घायल लाइनमैन को पहले कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे लोहिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उसे इमरजेंसी में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के बहोरा गांव निवासी नरेंद्र सिंह (33) जरारी बिजली केंद्र पर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। रविवार को रसीदापुर तिराहा के पास शीशम के पेड़ की एक टहनी 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू रही थी। टहनी के लाइन से संपर्क में आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित थी। लाइन में आई खराबी को दूर करने के लिए नरेंद्र मौके पर पहुंचे थे।
नरेंद्र के अनुसार, उन्होंने पहले बिजली विभाग से शटडाउन लिया। इसके बाद वह पेड़ पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन से टकरा रही टहनी को काटने लगे। टहनी को नीचे गिराने के लिए जब उन्होंने पैर से जोर लगाया तो अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से नीचे जमीन पर जा गिरे। गिरने से उनके शरीर में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही घायल हो गए।
सीढ़ी नहीं मिलने का लगाया आरोप
घायल नरेंद्र ने बताया कि लाइन की खराबी दूर करने के लिए उन्हें विभाग की ओर से सीढ़ी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसी वजह से उन्हें पेड़ पर चढ़कर टहनी काटनी पड़ी। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और विभागीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हादसे के बाद नरेंद्र के साथियों ने उन्हें तत्काल कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें लोहिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद 108 एंबुलेंस से नरेंद्र को फर्रुखाबाद स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। यहां डॉक्टर वैभव यादव ने उनका उपचार शुरू किया।
हाईटेंशन लाइन पर काम के दौरान सुरक्षा उपकरण और उचित संसाधनों की उपलब्धता को लेकर हादसे ने सवाल खड़े किए हैं। अब यह भी देखा जाना है कि विभाग की ओर से मौके पर शटडाउन और अन्य सुरक्षा मानकों का किस तरह पालन कराया गया था।


