लखनऊ। लगातार बारिश के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा गंभीर होता जा रहा है। विभिन्न जनपदों में आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ की स्थिति में राहत, बचाव और आपदा प्रबंधन के लिए संबंधित तंत्र सक्रिय है।
इन जिलों में नदियां उफान पर
कुशीनगर — गंडक नदी
गोंडा — कुआनो नदी
श्रावस्ती — राप्ती नदी
सिद्धार्थनगर — बूढ़ी राप्ती नदी
लखीमपुर खीरी — महाकाली/शारदा नदी
प्रयागराज — टोंस नदी
सीतापुर — सरायन नदी
सीतापुर — कठना नदी
नदियों के लगातार उफान पर रहने से तटवर्ती और निचले इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका है, वहीं संपर्क मार्गों पर भी पानी आने से आवागमन प्रभावित हो सकता है।
राज्य में लगातार बारिश के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश हैं। यूपीएसडीएमए की ओर से बाढ़ और जलभराव की स्थिति में सावधानी एवं बचाव संबंधी संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।


