लखनऊ में 19 साल का रिकॉर्ड टूटा
कई जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में सड़कों से लेकर घरों तक पानी भर गया है और तेज हवाओं के कारण पेड़ व बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। 27 सितंबर को भी कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। निचले क्षेत्रों में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया, जबकि कई सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। तेज हवाओं से जगह-जगह पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे 25 सितंबर के दिन के तापमान का 19 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। इससे पहले 2007 में इसी तारीख को 23 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था।
कानपुर, फतेहपुर, बरेली, बाराबंकी, देवरिया, चित्रकूट, गोंडा, लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में बारिश और जलभराव से मुश्किलें बढ़ी हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रही हैं। गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की सूचना है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश का असर किसानों पर भी पड़ा है। कई जिलों में खेतों में पानी भरने से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई जगह खड़ी धान की फसल खेतों में गिर गई। गंगा कटरी क्षेत्र में कटान की स्थिति भी सामने आई है। प्रशासन की ओर से जलभराव, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
लखीमपुर खीरी में लगातार बारिश के बीच कच्ची दीवार और छप्पर गिरने से एक परिवार के तीन लोगों की मौत की घटना सामने आई है। वहीं कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति तथा आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे हादसों को देखते हुए प्रशासन ने जर्जर मकानों और कमजोर ढांचों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
खराब मौसम के कारण प्रदेश के कई जिलों में विद्यालयों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने और आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में पूरी सतर्कता बरतने तथा प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश के दोनों प्रमुख मौसम उपखंडों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। 27 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 28 सितंबर से प्रदेश के लिए कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है।


