खंजरी बजाकर भजनों में हुए शामिल
नई पीढ़ी और मतदाता सूची को लेकर सियासी बहस के बीच कार्यक्रम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित भजन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने उनके बीच बैठकर भजनों का आनंद लिया, तालियां बजाईं और खंजरी बजाते हुए भी नजर आए।
भजन कार्यक्रम में पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत और प्रस्तुति के अंदाज में पेश किया गया। प्रधानमंत्री इससे पहले भी युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे इस नए भक्ति कार्यक्रम का उल्लेख कर चुके हैं। जनवरी 2026 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उन्होंने इसे भक्ति, संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिकता के मेल के रूप में बताया था।
प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब नई पीढ़ी के मताधिकार और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल में निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों और दावों पर निर्वाचन आयोग की अपनी प्रक्रियाएं और आधिकारिक मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं।
नई पीढ़ी के मतदाता आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण आयु वर्ग हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके भारतीय नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। 2024 के बाद भी युवा मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता सूची में उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रही है।
‘भजन क्लबिंग’ पारंपरिक भजन और कीर्तन को आधुनिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ जोड़ने का तरीका है। इसमें युवा समूहों में भजन सुनते, गाते और ताल देते नजर आते हैं। दिल्ली के कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री युवाओं के बीच इसी माहौल का हिस्सा बने।
इस कार्यक्रम ने एक तरफ नई पीढ़ी के बीच भक्ति संगीत के बदलते अंदाज को चर्चा में ला दिया है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के बीच राजनीतिक दलों की नई पीढ़ी तक पहुंच बनाने की कोशिशों पर भी ध्यान केंद्रित किया है।


