– एक अरब लोगों की जान जाने का खतरा: बिल गेट्स
– माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक ने अमेरिकी सरकार से कानून बनाने की अपील की
– कहा- कंपनियों का स्व-नियंत्रण पर्याप्त नहीं
नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) के बढ़ते प्रभाव और इसके दुरुपयोग को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। हालिया इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि एआई इतनी शक्तिशाली तकनीक बन चुकी है कि यदि इसे गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथों में इस्तेमाल किया गया तो ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, जिनमें एक अरब लोगों तक की मौत हो सकती है।
गेट्स के मुताबिक, बुरे इरादे वाले लोगों और अत्याधुनिक एआई उपकरणों का संयोजन अब तक देखे गए किसी भी हथियार से अधिक खतरनाक हो सकता है। उन्होंने इस खतरे को हल्के में नहीं लेने और एआई के विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई।
गेट्स ने एआई को लेकर अमेरिकी सरकार से प्रभावी कानून और नियमन की दिशा में कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि केवल एआई कंपनियों के स्व-नियमन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। सरकारों को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे एआई के खतरनाक इस्तेमाल पर निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित हो सके।
बिल गेट्स ने 26 अगस्त 2026 को प्रकाशित अपने विस्तृत लेख में एआई से जुड़े तीन प्रमुख जोखिमों पर चर्चा की थी। इनमें बड़े पैमाने पर रोजगार का खत्म होना, एआई के जरिए साइबर अपराध, धोखाधड़ी और जैविक हमलों की क्षमता बढ़ना तथा बच्चों के विकास और मानवीय संबंधों पर संभावित असर शामिल हैं।
गेट्स ने यह भी कहा था कि एआई का इस्तेमाल मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसके फायदे अपने आप सुनिश्चित नहीं होंगे। उनके अनुसार, सरकारों, तकनीकी कंपनियों और समाज को मिलकर ऐसी नीतियां तैयार करनी होंगी, जिनसे एआई के लाभ बढ़ें और इसके संभावित नुकसान पर नियंत्रण रखा जा सके।


