– मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
– संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर
– जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
फर्रुखाबाद। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड में कमान संभाल ली है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को सक्रिय रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव व्यवस्था की निगरानी करने को कहा है।
बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डीएम डॉ. अंकुर लाठर की निगरानी में प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय किया गया है। जिले की नदियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और पहले से बाढ़ की चपेट में आ चुके इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी की ओर से संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम के निर्देश के बाद डीएम ने कसी प्रशासन की कमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के डीएम को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नदियों के जलस्तर की निगरानी, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने जनपद में प्रशासनिक तैयारियों को प्राथमिकता पर रखा है। जिला प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिले में पूर्व में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत व्यवस्था का जायजा लिया था। वहीं बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर भी डीएम ने अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।
मौजूदा मौसम को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों में विशेष सतर्कता जरूरी है। प्रशासनिक टीमों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है।
मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के क्रम में डीएम डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर 26 सितंबर को फर्रुखाबाद में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। आदेश में परिषदीय, राजकीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड के विद्यालय शामिल हैं।
यह फैसला खराब मौसम में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
भारी बारिश और फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राहत कार्य संकट आने के बाद नहीं, बल्कि संकट की आशंका से पहले तैयार रहें। राहत शरणालय, बचाव दल, नाव, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर की सक्रिय निगरानी में प्रशासन का फोकस साफ है,बारिश कितनी भी तेज हो, आमजन की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिले में बढ़ाई गई सतर्कता आने वाले घंटों में और महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है।
फिलहाल जिला प्रशासन मौसम की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया है।


