शनिवार को 52 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मौसम ने अचानक करवट ली है। प्रदेश के 54 शहरों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। राहत आयुक्त ने 32 जिलों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों तथा जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इनमें 52 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। पिछले 24 घंटे में बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बारिश का असर जनजीवन के साथ खेती पर भी दिखाई देने लगा है। अयोध्या, सीतापुर, उन्नाव, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात और बहराइच समेत कई जिलों में खेतों और सड़कों पर पानी भर गया है। कानपुर देहात में लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया, हालांकि परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। सीतापुर में कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
ललितपुर में जामनी नदी उफान पर आने से कुझान घाट पुल के ऊपर पानी बहने लगा। इसी दौरान तेज बहाव में पेट्रोल टैंकर फंसकर नदी किनारे लटक गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बहराइच में भी लगातार बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं। अमेठी में पुलिस वाहन से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए कई जिलों में विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रयागराज में कक्षा एक से आठ तक, बस्ती में कक्षा एक से 12 तक तथा लखीमपुर खीरी में नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालय शनिवार को बंद रहेंगे। बहराइच में भी कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को क्षेत्र में उतरकर हालात पर नजर रखने और राहत-बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश का असर 27 सितंबर तक बना रह सकता है। ऐसे में नदी किनारे, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।


