नई दिल्ली: गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची को लेकर करीब 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण ‘वोट चोरी’ हुई है। ये आरोप राहुल गांधी के राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर एकजुट हैं और उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चुनावी व्यवस्था में सुधार होना चाहिए और उसके बाद जांच की जानी चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े पुराने बयानों के वीडियो भी दिखाए और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
राहुल के आरोपों के बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों पर दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की ओर से 10 महीनों में कम से कम 14 लिखित आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में कुछ फैसलों को उनकी जानकारी के बिना लिए जाने तथा मतदाता डेटाबेस और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े सवाल उठाए गए थे।
SIR जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ था और अब 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच चुका है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। वहीं, SIR और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और अन्य पक्षों की ओर से सवाल उठ रहे हैं, जबकि आयोग के भीतर उठी आपत्तियों पर भी सार्वजनिक चर्चा तेज हुई है।


