-पीएम मोदी के विजन से बदला नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का स्वरूप, अब पर्यटन स्थलों पर होगा भव्य आयोजन
-नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की मेजबानी के लिए राज्यों को न्योता, अश्विनी वैष्णव ने मांगे टूरिस्ट स्पॉट्स के प्लान
-अब पर्यटन स्थलों की खूबसूरती के बीच दिए जाएंगे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार!
मोहम्मद आकिब खांन, केवड़िया (गुजरात) / नई दिल्ली
यूथ इंडिया: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली के पारंपरिक सम्मेलन कक्षों से बाहर निकालकर देश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को लेकर केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। अब देश के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किसी बंद सभागार या सम्मेलन कक्ष तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें देश के प्रमुख और खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा और देश के पर्यटन को एक साथ लाकर दोनों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिसमें राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों को देश के अलग-अलग हिस्सों और ऐतिहासिक/सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने की बात कही गई है।
केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्य सरकारों को इस पहल में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे अपने-अपने प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों की पहचान करें और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की मेजबानी के लिए अपने प्रस्ताव भेजें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यों द्वारा भेजे जाने वाले प्रस्तावों में केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि सबसे अच्छी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और उस स्थल के चहुंमुखी विकास की ठोस योजना भी शामिल होनी चाहिए। जिस राज्य के प्रस्ताव का चयन किया जाएगा, वहां आगामी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन बेहद धूमधाम से होगा।
जी-20 की तर्ज पर सिनेमा और पर्यटन का संगम
प्रधानमंत्री मोदी के जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का उदाहरण देते हुए अश्विनी वैष्णव ने याद दिलाया कि जिस तरह जी-20 की बैठकें देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित की गई थीं, ठीक उसी तरह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को भी देश के कोने-कोने तक ले जाया जा रहा है।
श्री वैष्णव ने ‘एकता नगर’ (गुजरात) का उदाहरण देते हुए कहा कि आज यह स्थान विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुका है, जहां सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थापित है। जब महामहिम राष्ट्रपति और देश भर की दिग्गज फिल्मी हस्तियां ऐसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर जुटेंगी, तो इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश-विदेश के लोगों को उन जगहों के बारे में जानने और अनुभव करने का अवसर भी मिलेगा।
आम जनता से जुड़ाव और पर्यटन को बढ़ावा
अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि इस नई पहल से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम लोगों के और करीब आएगा। फिल्म उद्योग और पर्यटन क्षेत्र जब एक साथ आएंगे, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।


