फर्रुखाबाद। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी की ओर से जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति के नाम 24 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर सामाजिक न्याय, आरक्षण और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में सरकारी सेवाओं में पदोन्नति के दौरान आरक्षण का लाभ देने, लंबे समय से रिक्त बैकलॉग पदों को भरने और सफाई कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग प्रमुखता से शामिल रही।
संगठन की ओर से सरकारी विभागों में आरक्षित श्रेणी के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि बैकलॉग पदों पर भर्ती होने से वंचित वर्गों को सरकारी सेवाओं में उचित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। इसके साथ ही पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को उठाते हुए आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर उन्हें स्थायी नियुक्ति देने की मांग की गई। कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने के साथ पेंशन, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कर्मचारियों को अंदर उतारने की व्यवस्था पूरी तरह बंद करने तथा आधुनिक मशीनों और तकनीक के माध्यम से सफाई कराने की मांग भी की गई।
आंदोलनकारियों ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों में पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही दोषी पाए जाने वाले आरोपितों से मुआवजा राशि की वसूली के लिए व्यवस्था करने की मांग की गई। वर्ष 2018 के आंदोलन से जुड़े मुकदमों को वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
24 सूत्रीय मांगपत्र में शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी और प्रशासनिक सेवाओं में वंचित वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांगों पर संबंधित संवैधानिक संस्थाओं और केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का अनुरोध किया।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से विभिन्न मांगों को शामिल करते हुए ज्ञापन सौंपा गया, ताकि संबंधित स्तर पर इन मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों पर भर्ती और सफाई कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग


