फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत अहमदपुर देवरिया में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में सरकारी खाद्यान्न के स्टॉक और वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद निलंबित उचित दर विक्रेता मीना देवी की राशन दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मीना देवी और उनके पुत्र अंकित कटियार के खिलाफ थाना जहानगंज में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पूर्ति विभाग के अनुसार, उचित दर विक्रेता मीना देवी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक सदर ने मौके पर पहुंचकर राशन की दुकान और वितरण व्यवस्था की जांच की थी। जांच के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनुदानित खाद्यान्न के स्टॉक में अंतर पाया गया। जांच में गेहूं 40.611 कुंतल, चावल 65.149 कुंतल, बाजरा 34.400 कुंतल तथा चीनी 29 किलोग्राम की कालाबाजारी अथवा डायवर्जन किए जाने की बात सामने आई।
जांच के दौरान दुकान एवं खाद्यान्न वितरण व्यवस्था से संबंधित अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं। विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उचित दर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
मामले में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के 22 सितंबर 2026 के अनुमोदन आदेश के अनुपालन में मीना देवी की उचित दर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया गया। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मीना देवी तथा उनके पुत्र अंकित कटियार निवासी अहमदपुर देवरिया के खिलाफ थाना जहानगंज में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पूर्ति विभाग ने जिले के सभी उचित दर विक्रेताओं को राशनकार्ड धारकों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक वस्तुओं का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी, स्टॉक में हेरफेर अथवा खाद्यान्न के डायवर्जन की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राशन वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, राशन दुकान का अनुबंध निरस्त


