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Wednesday, September 23, 2026

9000 बर्खास्त एंबुलेंस कर्मचारियों की सेवा बहाली की मांग, 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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फर्रुखाबाद। 108/102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के बर्खास्त कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन भेजकर करीब 9000 बर्खास्त एंबुलेंस कर्मचारियों की सेवा बहाल करने और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 2 अक्टूबर 2026 से महात्मा गांधी के सत्याग्रह और अहिंसात्मक आंदोलन के रास्ते पर चलते हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि 108/102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी वर्ष 2012 से प्रदेश की जनता को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में जुटे हैं। कोरोना महामारी के दौरान जब संक्रमण के भय से लोग घरों से निकलने से भी बच रहे थे, उस समय एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का कार्य किया। महामारी के दौरान उनकी सेवाओं को कोरोना योद्धाओं के रूप में सम्मानित भी किया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2021 में करीब 9000 एंबुलेंस कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब कर्मचारियों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि 12 वर्षों के सेवा अनुभव और बढ़ती उम्र के कारण उनके लिए नए रोजगार के अवसर तलाशना भी कठिन हो रहा है। इसका सीधा असर उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार से उनके भविष्य और परिवारों की आजीविका को सुरक्षित करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में 108/102 एंबुलेंस सेवा से बर्खास्त किए गए करीब 9000 कर्मचारियों की तत्काल सेवा बहाली, कर्मचारियों के 12 वर्षों के सेवा अनुभव और बढ़ती उम्र को ध्यान में रखते हुए रोजगार एवं भविष्य की सुरक्षा तथा 108/102 एंबुलेंस कर्मचारियों को निगम (UPCOS) में शामिल कर सेवा को सुरक्षित एवं स्थायी आधार प्रदान करना शामिल है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवनीत सिंह, 108/102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार से सकारात्मक और न्यायपूर्ण निर्णय की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो 2 अक्टूबर से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। जब तक मांगों पर न्यायपूर्ण निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर बर्खास्त कर्मचारियों की सेवा बहाली तथा उनके रोजगार और भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है।

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