आजमगढ़। अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम हुई सनसनीखेज वारदात का बुधवार को पुलिस कार्रवाई के साथ अंत हो गया। पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद तीन बच्चों को कमरे में बंधक बनाने वाले आरोपी अरविंद सिंह (42) को पुलिस, एसओजी और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में मार गिराया गया। करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
पुलिस के अनुसार, अरविंद घर में चल रही पूजा से नाराज था। परिवार की ओर से उसके दिवंगत भाई सुनील की आत्मा की शांति और अरविंद की परेशानी दूर करने के लिए महामृत्युंजय जाप कराया जा रहा था। मंगलवार शाम करीब छह बजे इसी बात को लेकर पत्नी बबीता से उसका विवाद हुआ। इसके बाद उसने पूजा करा रहे पुजारियों से आधार कार्ड मांगते हुए विवाद शुरू कर दिया। कहासुनी बढ़ने पर वह कमरे से लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर आया और पत्नी बबीता सिंह (40) तथा दो पुजारियों महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) को गोली मार दी।
फायरिंग के बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही करीब 10 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। स्थिति गंभीर होने पर एटीएस और एसओजी के करीब 45 जवानों को मौके पर बुलाया गया। कई घंटे तक टीम आरोपी से सरेंडर करने की अपील करती रही। रात करीब एक बजे उसने एक बच्चे पर गोली चला दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
इसके बाद कमांडो टीम ने स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल कर कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, कमरे के भीतर अरविंद ने जवानों पर करीब छह राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं और घटनास्थल को सील कर दिया गया है। घर के बाहर पुलिस बल तैनात है। बची दोनों बच्चियों को उनकी दादी के पास सुरक्षित रखा गया है।
आठ साल पहले हुई थी भाई की हत्या
अरविंद के परिवार में पहले भी हत्या की वारदात हो चुकी है। वर्ष 2018 में उसके भाई सुनील सिंह की चचेरे भाइयों मनीष सिंह और अवनीश ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिजनों के मुताबिक सुनील महाराष्ट्र में रहते थे और बालासाहेब ठाकरे के गनर रह चुके थे। बताया गया कि पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश के चलते उनकी हत्या हुई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और परिजनों के अनुसार वे हाल ही में जेल से बाहर आए थे।
वारदात के बाद अरविंद की मां कमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि उनके दो बेटे थे और अब दोनों नहीं रहे। वहीं, अरविंद की बहन साधना ने बताया कि घर में पूजा कराने को लेकर उसका भाई विरोध करता था। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम, हत्या के कारणों, हथियार के इस्तेमाल और पुराने पारिवारिक विवादों की जांच कर रही है।


