अहरौला के शंभूपुर में सनसनीखेज वारदात; फायरिंग के बाद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हुआ आरोपी, कई घंटे चला पुलिस का ऑपरेशन
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। घर में पूजा करा रही पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी ने अपने बच्चों को भी कमरे में बंधक बना लिया। बाद में एक बच्चे की भी गोली लगने से मौत हो गई। करीब आठ घंटे चले पुलिस के ऑपरेशन के बाद आरोपी अरविंद सिंह की भी मौत हो गई। इस पूरी घटना में पांच लोगों की जान चली गई।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपी को बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया। पुलिस लगातार आरोपी से बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाती रही।
पूजा को लेकर शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, अरविंद की पत्नी बबीता घर में पूजा करा रही थी। पूजा के लिए पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा समेत पुजारी पहुंचे थे। इसी दौरान घर पहुंचे अरविंद का पंडितों से विवाद हो गया। आधार कार्ड मांगने को लेकर कहासुनी बढ़ने के बाद अरविंद पर फायरिंग करने का आरोप है। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दोनों पुजारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
तीन बच्चों के साथ कमरे में हुआ बंद
तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने पूरे घर को घेर लिया। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने काफी देर तक बातचीत के जरिए आरोपी को बाहर निकालने का प्रयास किया। स्थिति गंभीर होने पर विशेष पुलिस टीमों को भी मौके पर लगाया गया।
बेटे की भी गोली लगने से मौत
बाद के घटनाक्रम में आरोपी ने अपने एक बच्चे को भी गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान अरविंद घायल हो गया। घायल बच्चे और आरोपी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कई घंटे चला ऑपरेशन, आरोपी भी मारा गया
मामला बिगड़ने के बाद पुलिस ने सावधानी से ऑपरेशन चलाया। रिपोर्टों के अनुसार, करीब आठ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आरोपी अरविंद सिंह को पुलिस कार्रवाई में मार गिराया गया। इस दौरान बच्चों को सुरक्षित निकालना पुलिस की प्राथमिकता रही।
घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की अन्य कड़ियों को जांच के आधार पर स्पष्ट किया जा रहा है।
शंभूपुर की इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी गांव में मौजूद हैं तथा कानून-व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
पूजा के दौरान खूनी खेल, पत्नी-पुजारियों और बेटे समेत पांच की मौत


