आजमगढ़। अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। घर के मालिक अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक से पत्नी बबीता सिंह समेत पूजा कराने आए दो पंडितों पर गोली चला दी। गोली लगने से तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को घर के अंदर बंद कर लिया, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
बताया गया कि मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद सिंह घर पहुंचा तो वहां पूजा-पाठ चल रहा था। घर में पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद थे। अरविंद ने पूजा के बारे में जानकारी लेने के बाद पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला फायरिंग तक पहुंच गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक विवाद बढ़ने पर अरविंद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाल ली और पहले पत्नी बबीता सिंह को गोली मारी। इसके बाद पूजा कराने आए दोनों पंडितों पर भी फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस को दी गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
वारदात के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ घर के भीतर चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल प्रारंभिक सूचना के आधार पर आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद की बात सामने आई है।
घटना के बाद शंभूपुर गहजी गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा रहे। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपी को सुरक्षित तरीके से हिरासत में लेने के साथ ही घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


