मुकेश राजपूत बोले- आम उपयोगकर्ताओं से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं
फर्रुखाबाद। यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के आवास पर पहुंचे और विरोध जताया। हालांकि उस समय सांसद आवास पर मौजूद नहीं थे और घर बंद मिला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से आम लोगों के साथ छोटे कारोबारियों पर भी आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता बिना पूर्व सूचना के उनके आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जिस समय प्रदर्शन हुआ, वह संगठनात्मक कार्यक्रम के सिलसिले में कायमगंज में मौजूद थे। सांसद ने यूपीआई शुल्क को लेकर विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
मुकेश राजपूत ने कहा कि सामान्य उपयोगकर्ताओं के बीच होने वाले यूपीआई भुगतान पर कोई अतिरिक्त कर या शुल्क नहीं लगाया जा रहा है। उनके मुताबिक व्यक्ति से व्यक्ति के बीच यूपीआई लेनदेन पहले की तरह मुफ्त रहेगा और छोटे व्यापारियों को भी प्रस्तावित शुल्क के दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही हैं।
सांसद ने इस दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय संविधान और आरक्षण के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल के दौरान सामने आए कोयला और राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े घोटालों का भी उल्लेख किया और विपक्ष से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सवाल उठाने से पहले अपने पुराने कार्यकाल पर नजर डालने को कहा।
मुकेश राजपूत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस पुराने बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से नीचे तक पहुंचने पर केवल 15 पैसे पहुंचने की बात कही थी। सांसद ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में केंद्र से लाभार्थी के लिए भेजी गई राशि सीधे उसके खाते तक पहुंच रही है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार यूपीआई शुल्क से जुड़े दावों को तथ्यों के साथ स्पष्ट करती रहेगी।


