लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल (Brijlal) ने समाजवादी पार्टी पर कानून-व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने संतकबीरनगर, रायबरेली और 2011 के मुरादाबाद मैनाठेर कांड (Moradabad Mainather Incident) का जिक्र करते हुए सपा के शासनकाल और मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए।
बृजलाल ने संतकबीरनगर में गणेश चतुर्थी के दौरान हुए विवाद का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय सपा सांसद पप्पू निषाद ने जुलूस के दौरान लोगों को धमकाया और धार्मिक गतिविधियों पर सवाल उठाए। हालांकि, ये आरोप बृजलाल के बयान पर आधारित हैं। उन्होंने रायबरेली की एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों के बीच विवाद हुआ था। बृजलाल ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता की गई और हाथापाई की स्थिति बनी।
बृजलाल ने 6 जुलाई 2011 के मुरादाबाद के मैनाठेर कांड का उल्लेख करते हुए तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हुए हमले की बात कही। उपलब्ध अदालती रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में अदालत ने मार्च 2026 में 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बृजलाल ने आरोप लगाया कि 2012 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन सरकार ने डीआईजी पर हमले से जुड़े मुकदमे को वापस लेने की कोशिश की थी। उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों की बहाली और तैनाती को लेकर भी दावे किए।
बृजलाल ने आरोप लगाया कि यदि सपा दोबारा सत्ता में आती है तो व्यापारियों के उत्पीड़न, लूट और आगजनी जैसी घटनाएं बढ़ जाएंगी। उन्होंने रामपुर में गोकशी से जुड़े मामलों का भी जिक्र करते हुए सपा शासन की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
पूर्व डीजीपी ने अपने बयान में मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और विजय मिश्रा जैसे बाहुबली नेताओं का नाम लेते हुए सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यापारियों से रंगदारी, जमीन कब्जे और हिंसा जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।
बृजलाल ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दे से भी जुड़ा होगा। उन्होंने लोगों से पिछले शासनकाल की घटनाओं को ध्यान में रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रति अपना समर्थन जताते हुए मुख्यमंत्री पर भरोसा व्यक्त किया।


