फर्रुखाबाद। मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक किनारे बुधवार सुबह मिले दवा विक्रेता अमन शुक्ला के शव का डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। करीब तीन घंटे तक चली पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद भी उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं, जबकि दाहिना हाथ टूटा हुआ पाया गया। मामले में गोली लगने की आशंका को लेकर शव का एक्स-रे भी कराया गया, लेकिन एक्स-रे में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार अमन शुक्ला मंगलवार शाम घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह उसका शव मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शव का बायां पैर भी गायब था, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
बुधवार शाम डॉक्टर जय सिंह और डॉक्टर प्रवीण कुमार के पैनल ने अमन के शव का पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। अमन के शरीर में गोली लगने की आशंका को देखते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शव का एक्स-रे कराया गया। हालांकि एक्स-रे में शरीर के अंदर गोली होने की पुष्टि नहीं हुई।
पोस्टमार्टम के दौरान चेहरे पर गन पाउडर के निशान मिलने की बात सामने आई है। बारूद के नमूने को सुरक्षित कर सील कर दिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया है। अब इसे जांच के लिए कन्नौज स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि चेहरे पर मिले गन पाउडर के निशान किस परिस्थिति में आए।
पोस्टमार्टम में अमन की पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान भी मिले हैं। उसका दाहिना हाथ टूटा हुआ था। वहीं बायां पैर गायब मिलने के कारण पुलिस रेलवे ट्रैक के आसपास भी जांच कर रही है। हादसे की संभावना के साथ ही अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। अब विसरा जांच, गन पाउडर की फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की विवेचना के आधार पर मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से मामला और भी पेचीदा हो गया है। पुलिस अमन के घर से निकलने से लेकर शव मिलने तक की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।


