गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को सेवा संकल्प अभियान की तैयारी को लेकर बुलाई गई बैठक हंगामे में बदल गई। बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों और महापौर सुनीता दयाल के बीच तीखी बहस हुई। मामले को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक भी बैठक से बाहर चले गए।
बैठक में कुछ पार्षदों ने सेवा संकल्प अभियान के बजाय नगर निगम के विकास कार्यों और पार्षदों से जुड़े मुद्दे उठाए। पार्षदों ने कहा कि शहर के विकास को लेकर बैठक होनी चाहिए। पार्षद राजीव शर्मा ने कार्यकारिणी और बोर्ड बैठक समय से नहीं होने तथा पार्षद कोटे से प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। नामित पार्षद सुनील यादव ने भी विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलापट पर पार्षदों को सम्मान न मिलने की बात रखी।
इसी दौरान नगर आयुक्त और नामित पार्षद के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर नगर आयुक्त बैठक छोड़कर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट के निरीक्षण के लिए रवाना हो गए। उनके साथ कुछ अधिकारी भी बाहर चले गए। बाद में महापौर और सदन सचिव ने बैठक की कार्यवाही पूरी कराई।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की तैयारी के लिए बुलाई गई बैठक में तीन पार्षदों ने जानबूझकर दूसरे मुद्दे उठाकर विवाद की स्थिति पैदा की। उनका कहना है कि हंगामे के कारण अन्य पार्षद अपनी बात नहीं रख सके। महापौर ने कहा कि संबंधित पार्षदों की शिकायत संगठन स्तर पर की जाएगी।
बैठक में विवाद के बावजूद सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। अभियान के तहत वार्ड स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।


