अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब निर्माण से जुड़ी कंपनियों के अंतिम और बकाया बिलों के भुगतान से पहले उनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अंतिम भुगतान की प्रक्रिया को लेकर जांच और लेखा परीक्षण की व्यवस्था तय की है।
निर्माण कार्यों से जुड़े अंतिम बिलों की जांच में ईआईएल की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ईआईएल करीब 70 प्रतिशत अंतिम बिलों की जांच करेगी। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, स्वीकृत लागत और किए गए भुगतान से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा।
ट्रस्ट की ओर से बकाया भुगतान से पहले बिलों की जांच और लेखा परीक्षण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की तैयारी है। करीब दो माह में ऑडिट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित निर्माण एजेंसियों के अंतिम भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राम मंदिर परिसर में एलएंडटी, टाटा और अन्य एजेंसियों ने अलग-अलग निर्माण कार्य किए हैं। अगस्त में निर्माण समिति की ओर से बताया गया था कि तय किए गए करीब 70 कार्यों में से लगभग 60 कार्य पूरे हो चुके थे और सितंबर तक परिसर के प्रमुख निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य था।
अब निर्माण पूरा होने के साथ गुणवत्ता, बिलों और भुगतान का सत्यापन अगला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।


