यूपी के 72 जिलों में बारिश के आसार
बिहार में 49.67 लाख लोग प्रभावित
केदारनाथ यात्रा फिर शुरू, बिना हेलमेट एंट्री नहीं:
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यूपी के 72 जिलों में मंगलवार को बारिश की संभावना है, जबकि 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से 111 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों की 575 पंचायतों में 49.67 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पांच प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को बिहार के 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में जलभराव और तेज बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा को सुरक्षा इंतजामों के साथ फिर शुरू किया गया है। चीरबासा के पास क्षतिग्रस्त रास्ते से 200-200 यात्रियों को आगे भेजा जा रहा है। करीब 100 मीटर का क्षेत्र अभी भी डेंजर जोन में है और यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यात्रियों को बिना हेलमेट आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर राहत और बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
राजस्थान में 17 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी है और मंगलवार को 20 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पंजाब के 18 जिलों में बारिश के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, हालांकि फिलहाल किसी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। बारिश के चलते तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है।
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद 28 घरों के 128 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। वहीं नैनीताल में उफनते नाले में एक कार बहने लगी, लेकिन चालक ने समय रहते वाहन को सुरक्षित निकाल लिया। बिहार के खगड़िया में बाढ़ के पानी में डूबने से दो भाइयों की मौत हो गई, जबकि दरभंगा में बिजली गिरने से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।


