लखनऊ। उत्तर प्रदेश में न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने तथा लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रदेश के 75 जिलों में करीब 900 नई अदालतें स्थापित की जाएंगी। जिला न्यायालयों में बड़ी संख्या में मुकदमे लंबित होने के बीच सरकार की ओर से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश में तीन स्तर की नई अदालतों का गठन किया जाएगा। इनमें हायर ज्यूडिशियल सर्विस (HJS) की 237 अदालतें, सिविल जज सीनियर डिवीजन की 391 अदालतें तथा सिविल जज जूनियर डिवीजन की 292 अदालतें शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक जिला न्यायालयों में वर्तमान में करीब 1.20 करोड़ मामले लंबित हैं। नई अदालतों के गठन से मुकदमों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
नई अदालतों के साथ ही न्यायिक एवं संबंधित व्यवस्थाओं के संचालन के लिए 6,656 नए पदों का सृजन भी किया जाएगा। प्रदेश के सभी 75 जिलों में अदालतों की स्थापना से न्याय पाने के लिए लोगों को बेहतर और अधिक प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करना और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक मानव संसाधन एवं न्यायिक ढांचा उपलब्ध कराना है।


