अमृतपुर। गंगा की बाढ़ से डेढ़ महीने से अधिक समय से घिरे तीसराम की मड़ैया कटरी तौफीक गांव में अब बीमारी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। इसी बीच तीन वर्षीय बच्ची सुनैना की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं उसकी मां गंगा देवी की हालत भी गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के कारण बीमार लोगों को नाव के सहारे गांव से बाहर ले जाना पड़ रहा है।
गांव निवासी गंगा देवी पत्नी मनजीत ने 11 दिन पहले बेटे को जन्म दिया था। वह पिछले सात दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। सोमवार देर शाम हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें नाव से जमापुर तक लेकर पहुंचे। इसके बाद बाइक से लोहिया जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच में उनके शरीर में खून की गंभीर कमी सामने आई। परिजनों के मुताबिक उनका हीमोग्लोबिन करीब तीन ग्राम प्रति डेसीलीटर बताया गया है। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
गंगा देवी की तीन वर्षीय बेटी सुनैना भी डेढ़ सप्ताह से अधिक समय से बुखार से पीड़ित थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार में एक अन्य बेटा विवेक भी बुखार से पीड़ित है। जबकि शिवम और राघव उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। एक ओर मां अस्पताल में भर्ती है और दूसरी ओर 11 दिन के नवजात की देखभाल की जिम्मेदारी परिवार के अन्य सदस्यों पर है।
परिजनों ने बताया कि गांव में कई लोग बुखार से परेशान हैं। चारों तरफ पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही नाव से हो रही है। ऐसे में किसी की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया है। पहले नाव से जमापुर और फिर वहां से बाइक अथवा अन्य साधन से अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है।
अमृतपुर की उप जिलाधिकारी श्वेता साहू ने बताया कि गांव में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दोबारा गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच और उपचार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। बाढ़ के बीच बच्ची की मौत और कई ग्रामीणों के बुखार की चपेट में आने से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।


