मांगें नहीं मानीं तो तिरंगा रैली और लखनऊ में सत्याग्रह
फर्रुखाबाद। जनपद न्यायालय कर्मचारियों की वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश शाखा फर्रुखाबाद ने आवाज बुलंद की है। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को सौंपकर कर्मचारियों की वेतन, पद सृजन, प्रोन्नति और कार्य परिस्थितियों से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में एफटीसी न्यायालयों के कर्मचारियों के वेतन में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि और सेवा नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही प्रोन्नति की अर्हकारी सेवा शर्तों में शिथिलीकरण के लिए प्रस्तावित नियमावली संशोधन को शीघ्र स्वीकृति देने तथा पेड अप्रेन्टिस पदों को कनिष्ठ सहायक पदों में समायोजित करने की मांग की गई है।
संघ ने जनपद न्यायालयों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के लुप्त पद को पुनः सृजित करने, ग्रेड वेतन 4600 वाले लिपिकीय पदों को राजपत्रित प्रतिष्ठा देने और मकान किराया भत्ते के पुनरीक्षण की भी मांग की। लिपिकवर्गीय कार्मिकों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित कर ग्रेड वेतन 2800 यानी पे लेवल-5 दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
कर्मचारियों ने कार्यभार के अनुरूप अतिरिक्त पद सृजित करने और पद सृजन होने तक अतिरिक्त कार्य भत्ता देने के साथ बयान लेखन के लिए नियमित बयान लेखक के पद सृजित किए जाने की मांग रखी। कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि यादव ने कहा कि न्यायालय कर्मचारी न्यायिक व्यवस्था के सुचारु संचालन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सेवा संबंधी समस्याओं और कार्यभार की विसंगतियों का समाधान किया जाना जरूरी है।
संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो महात्मा गांधी जयंती एवं अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर जिले में शांतिपूर्ण तिरंगा रैली निकाली जाएगी। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रही तो प्रांतीय संघ के आह्वान पर 25 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेशभर के न्यायालय कर्मचारी सत्याग्रह करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में न्यायालय कर्मचारी मौजूद रहे।


