लखनऊ, 14 सितंबर। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित स्टेट एपेक्स कमेटी की बैठक हुई। बैठक में परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन, तकनीकी जरूरतों, विभागीय समन्वय, डैशबोर्ड पर राज्य की प्रगति और आगामी कार्ययोजना समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि ICJS 2.0 आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक मजबूत, समन्वित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान हो सकेगा, जिसका लाभ आमजन के साथ न्यायिक तंत्र को भी मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के सफल संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करते हुए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कराए जाएं।
बैठक में ICJS 2.0 के डैशबोर्ड पर राज्य के स्कोर कार्ड और प्रगति की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों और विभिन्न मानकों की नियमित निगरानी की जाए। जिन क्षेत्रों में प्रदर्शन सुधारने की आवश्यकता है, वहां प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ICJS का मूल आधार ‘One Data, One Entry’ का सिद्धांत है। इसका उद्देश्य एक ही सूचना को अलग-अलग प्रणालियों में बार-बार दर्ज करने की आवश्यकता को खत्म करना है। एक स्थान पर दर्ज सूचना संबंधित सभी स्तंभों के साथ स्वतः साझा हो सके, इसके लिए सिस्टम को प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट किया जाना जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि ICJS पोर्टल को सभी संबंधित स्तंभों से प्रभावी रूप से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी संशोधन एनआईसी के माध्यम से जल्द कराया जाए। इससे एक ही डाटा की बार-बार एंट्री की जरूरत खत्म होगी और मैनुअल कार्य में भी कमी आएगी।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा अवशेष उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप तेजी से पूरी कराने को भी कहा।
बैठक में ICJS 2.0 परियोजना के विभिन्न घटकों, विभागीय समन्वय, तकनीकी आवश्यकताओं, डैशबोर्ड पर राज्य की प्रगति, उपलब्ध संसाधनों, शेष उपकरणों की खरीद और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं भगवान स्वरूप श्रीवास्तव, अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय डॉ. संजीव गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश, बोले- ‘वन डेटा, वन एंट्री’ पर हो काम


